Sunday, December 23, 2018

मोदी सरकार को हम दिखाएंगे अल्पसंख्यकों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है: इमरान ख़ान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि वो नरेंद्र मोदी सरकार को बताएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ किस तरह बर्ताव किया जाता है.

पंजाब सूबे के लाहौर शहर में इमरान ख़ान ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी सरकार ये सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को उनके अधिकार मिलें, जो देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का भी लक्ष्य था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इमरान ख़ान ने लाहौर में शनिवार को कहा, ''मोदी सरकार को हम दिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसे पेश आते हैं....भारत में भी लोग कह रहे हैं कि अल्पसंख्यकों के साथ बराबरी का बर्ताव नहीं किया जा रहा है.''

इमरान ख़ान ने कहा है कि कमज़ोर के साथ न्याय नहीं हुआ तो ये बढ़ता ही जाएगा. एक उदाहरण देते हुए इमरान ख़ान ने कहा, ''पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को उनके अधिकार नहीं दिए गए जो बांग्लादेश बनने की मुख्य वजह रही.''

पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल देश है, जहां हिंदू सबसे बड़ी अल्पसंख्यक आबादी हैं. यहां की कुल जनसंख्या में क़रीब 1.6 प्रतिशत हिंदू हैं.

लेकिन दक्षिणी तटीय शहर कराची और लाहौर और फ़ैसलाबाद शहरों में ईसाइयों की भी अच्छी-ख़ासी आबादी है.

भारत के बंटवारे से पहले आज का पाकिस्तान विविध संस्कृतियों और धर्मों वाला इलाक़ा था. लेकिन हाल के दशकों में पाकिस्तान का इस्लामीकरण हुआ है और समाज भी अधिक इस्लामिक हुआ है. इससे देश में असहिष्णुता भी बढ़ी है.

कभी पाकिस्तान के शहरों में अल्पसंख्यकों की तादाद 15 फ़ीसदी तक थी. अब ये घटकर चार फ़ीसदी ही रह गई है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का ये बयान ऐसे समय आया है जब भारत में जानेमाने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भीड़ के हाथों होने वाली हिंसा को लेकर अपनी चिंता जता चुके हैं, जिसकी काफी चर्चा हो रही है.

हालांकि इसकी वजह से नसीरुद्दीन शाह की काफी आलोचना भी हुई है. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भीड़ की हिंसा में एक पुलिस अधिकारी के मारे जाने के कई दिनों बाद नसीरुद्दीन शाह ने चिंता जताते हुए कहा था कि 'ज़हर तो पहले ही फैल चुका है जिसे रोकना मुश्किल होगा.'

इस बयान के आने के बाद हिंदूवादी संगठनों के विरोध की वजह से अजमेर लिटरेचर फ़ेस्टिवल में नसीरुद्दीन शाह का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया.

Wednesday, December 12, 2018

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन, नाराज किसानों की वजह से राजस्थान-छग में हारी भाजपा

छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस को बेशक स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है।, लेकिन जनता ने भाजपा की नीतियों से नाराज होकर उसे सत्ता से बहुत दूर खड़ा कर दिया है। भास्कर ने मतदाताओं की नाराजगी का विश्लेषण किया...

छत्तीसगढ़: 53 ग्रामीण सीटों में से 42 कांग्रेस ने जीती, इसी दम पर सरकार बनाई

ओबीसी/एससी: 51% वोटर ओबीसी हैं। कांग्रेस ने साफ कर दिया था कि सीएम ओबीसी से ही होगा। दूसरी ओर, रमन सिंह थे। एससी सीटों पर भाजपा 9 से 1 पर सिमटी। रिजर्व 10 सीटों में से कांग्रेस ने 9 जीतीं। रमन सरकार ने एससी वर्ग को 4% आरक्षण दिया, जबकि इनकी आबादी 13% है। 8 सामान्य सीटों पर भी एससी वोटर 15% तक हैं।
ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस 42 सीटें लाई: 53 ग्रामीण सीटों में से कांग्रेस ने 42 सीटें जीतीं। वजह दो घोषणाएं- किसानों की कर्जमाफी और धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपए करना। किसान चुनाव तक धान बेचने नहीं पहुंचे।
महिलाएं जहां वोटिंग में आगे, वहां भाजपा साफ: राज्य में शराबबंदी के वादे ने खासतौर पर महिलाओं का ध्यान खींचा। जिन 24 सीटों पर महिलाओं का वोटिंग
प्रतिशत पुरुषों से ज्यादा रहा, उनमें से कांग्रेस ने 22 सीटें जीत लीं।
अगला सीएम कौन : तीन दावेदारों में बघेल का पलड़ा सबसे भारी

भूपेश बघेल: ओबीसी चेहरा। 50 सभाएं कीं। 70% टिकट तय किए। टीएस सिंहदेव: नेता प्रतिपक्ष। 60 सभाएं, 90 बैठकें कीं। 15% टिकट तय किए। चरणदास महंत: पार्टी के वरिष्ठ नेता होने के नाते महंत की भी मजबूत दावेदारी।

राजस्थान : एससी-एसटी एक्ट की वजह से सवर्ण वोटर भाजपा से नाराज हुए

ढूंढाड़-मारवाड़ में भाजपा ने 60 सीटें हारीं : इन दो इलाकों में भाजपा की 91 सीटें थीं। अब सिर्फ 31 हैं। आनंदपाल एनकाउंटर और पद्मावत प्रकरण से शेखावाटी में भाजपा की 12 सीटें कम हुईं। ढूंढाड़ में सचिन पायलट का असर दिखा। मारवाड़ में अशोक गहलोत का। मत्स्य क्षेत्र में योगी ने हनुमान जी को दलित बताया था। राजपूत इसके विरोध में आए। फायदा कांग्रेस को हुआ।
एससी/एसटी भाजपा की 29 सीटें कम हुईं : 2013 में भाजपा ने एससी/एसटी के लिए तय 58 सीटों में से 49 सीटें जीती थीं। इस बार कांग्रेस ने 31 जीतीं। एससी/एसटी एक्ट में केंद्र द्वारा लाए गए बिल से सवर्ण वोटर नाराज हैं। इस पर हिंसा हुई थी। इससे भाजपा को ही नुकसान हुआ। 
गांवों में कांग्रेस 63 सीटों से आगे : 153 ग्रामीण सीटों में से भाजपा के पास 123 सीटें थीं। इस बार कांग्रेस 63 सीटों से आगे हो गई है। किसान आंदोलन से ग्रामीण नाराज हैं। कांग्रेस के कर्ज माफी का वादा भी काम आया।
अगला सीएम कौन : सीएम रह चुके गहलोत और युवा सचिन दौड़ में

अशोक गहलोत : दो बार के सीएम। 100 रैलियां कीं। 40% टिकट तय किए। पिछड़ी जाति पर पकड़।
सचिन पायलट : राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष। कुल 230 सभाएं कीं। 50% टिकट सचिन ने ही तय किए। उपचुनाव में जीत दिलाई। राहुल के करीबी।

Monday, December 10, 2018

टीवी की चर्चित बहू देवोलीना भट्टाचार्य का मर्डर केस में आया नाम

पाँच दिसंबर को रायगढ़ ज़िले से लगे जंगलों में एक लाश मिली. शव की पहचान एक हीरा व्यापारी के रूप में होती है. इसमें एक पुलिसवाला, एक मंत्री का पूर्व सचिव और एक अभिनेत्री को गिरफ़्तार किया जाता है. पूरा का पूरा मामला किसी फ़िल्म की कहानी जैसी लगती है.

दरअसल, मुंबई के हीरा कारोबारी राजेश्वर उदानी की हत्या का मामला बहुत जटिल होता जा रहा है. पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया है, जिसमें सबसे चर्चित नाम टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्य का है.

इस सिलसिले में देवोलीना के साथ ही सचिन पवार नाम के एक व्यक्ति को गुवाहाटी के एक होटल से गिरफ़्तार किया गया. इसमें एक निलंबित कॉन्स्टेबल दिनेश पवार का भी नाम आया है.

मुंबई पुलिस के एसीपी लखीम गौतम के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया कि पुलिस कॉन्स्टेबल पहले से ही 2014 के एक बलात्कार के मामले में गिरफ़्तार है.

उन्होंने बताया कि पहली नज़र में हत्या की वजह उदानी के साथ पैसों के लेनदेन में विवाद और सचिन की महिला मित्र को लेकर कलह है.

पुलिस का कहना है कि देवोलीना उन कुछ लोगों में से हैं जिनसे हीरा कारोबारी ने अपने फ़ोन पर बात की थी.

कौन हैं देवोलीना भट्टाचार्य?

एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्य असम से हैं और सीरियल 'साथ निभाना साथिया' में गोपी बहू का लोकप्रिय किरदार निभा चुकी हैं.

इसके अलावा वो 'संवारे सबके सपने प्रीतो' में भी काम कर चुकी हैं.

गुवाहाटी में 22 अगस्त 1990 को पैदा होने वाली देवोलीना भट्टाचार्य एक ट्रेन्ड भरतनाट्यम डांसर हैं.

साल 2011 से अपने करियर की शुरुआत करने वाली देवोलीना डांस इंडिया डांस सीजन टू के ऑडिशन में पहली बार नज़र में आई थीं.

देवोलीना ने अपने सात साल के टेलीविज़न करियर में 'पसंदीदा बहू' के रूप में अपनी पहचान छोड़ी है.

इस दौरान उन्हें सीरियल्स में अपने किरदार के लिए कई अवार्ड्स भी मिले हैं.

देवोलीना को 2013 में 'आईटीए अवॉर्ड फॉर देश की धड़कन, 2014 में 'स्टार परिवार अवार्ड्स' में 'फेवरेट बहू', 2015 में 'इंडियन टेली अवॉर्ड्स' में बेस्ट एक्ट्रेस, 'बिग स्टार इंटरटेनमेंट अवार्ड्स' में 'मोस्ट इंटरटेनिंग टेलीविज़न एक्टर- फीमेल', स्टार परिवार अवार्ड्स में फेवरेट पत्नी और फेवरेट बहू, 2016 में 'ज़ी गोल्ड अवार्ड्स' में पॉपुलर बहू ऑन इंडियन टेलीविज़न और 2017 के 'स्टार परिवार अवार्ड्स' में 'फेवरेट बहू' का पुरस्कार मिला.

हाल के दिनों में बिकिनी समेत कई बोल्ड तस्वीरों की बदौलत देवोलीना इंटरनेट पर काफ़ी लोकप्रिय रही हैं.

उदानी मर्डर केस के उलझे तार
देवोलीना के साथ ही सचिन पवार नाम के एक व्यक्ति को भी गिरफ़्तार किया गया है.

सचिन पवार महाराष्ट्र के गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता के पूर्व निजी सचिव रह चुके हैं.

प्रकाश मेहता भी शुक्रवार की शाम को मीडिया को बता चुके हैं कि पवार 2004 से 2009 तक उनके साथ था लेकिन जब उसने (पवार ने) एक निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर बीएमसी का चुनाव लड़ा तो उससे सारे संबंध तोड़ लिए थे और भाजपा से निकाल दिया गया था.

अब तक पुलिस जांच से पता चला है कि उदानी कुछ बार में नियमित तौर पर जाया करते थे और सचिन पवार के जरिए ग्लैमर की दुनिया की महिलाओं समेत अन्य कई महिलाओं के संपर्क में थे.

致海军高层求援信件外泄后,“罗斯福”航母舰长遭解职

  中新网4月3日电 据美媒报道, 中国国家主 色情性&肛交集合 席习近平3月29日赴浙江宁 色情性&肛交集合 波调研考察。 色情性&肛交集合 这被视作他3月10日到 色情性&肛交集合 访疫情重灾区武汉之后, 色情性&肛交集合 力推“复工 色情性&肛交集合 复产”的首次考察。 ...