लंदन. भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या (63) ने प्रत्यर्पण के खिलाफ यूके के हाईकोर्ट में शुक्रवार को दूसरी बार याचिका दायर की। पहली याचिका 5 अप्रैल को खारिज हो गई थी। उसके बाद मौखिक रूप से सुनवाई की अर्जी देने के लिए 5 कामकाजी दिनों का वक्त मिला था। लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने दिसंबर में माल्या के भारत प्रत्यर्पण की इजाजत दी थी। फरवरी में यूके के गृह विभाग ने भी मंजूरी दे दी थी। उसके बाद माल्या ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया
माल्या के खिलाफ फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग, फेमा के उल्लंघन के आरोप हैं। उस पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस ने बैंकों से लोन लिया था। मार्च 2016 में माल्या लंदन भाग गया। मुंबई की विशेष अदालत (पीएमएलए) उसे भगोड़ा घोषित कर चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय देश-विदेश में उसकी संपत्तियां अटैच कर चुका है।
रायपुर. छत्तीसगढ़ में बस्तर लोकसभा सीट के लिए हुए मतदान में हाल में हुईं नक्सल घटनाओं के बावजूद 61% से ज्यादा वोटिंग हुई। पिछली बार ये 59% थी। सुकमा-बीजापुर में नक्सलियों ने चुनाव बहिष्कार किया था, फिर भी वोट प्रतिशत बढ़ा। शहरों में मतदान औसत 50% के पार रहा।
दहशत के बीच बूथों में ग्रामीण पहुंचे तो जरूर, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग देखने को मिली। वोट देने के बाद ग्रामीणों ने ऊंगलियों पर अमिट स्याही नहीं लगवाई। उन्हें डर था कि नक्सली स्याही देखकर पहचान न लें। भास्कर की टीम मुचनार गांव पहुंची। बारसूर से मुचनार के बीच रास्तेभर सन्नाटा। यहां करीब 70 साल की एक बुजुर्ग महिला से पूछा गया कि आप वोट देने गईं थी या नहीं, महिला ने कुछ देर से सहमते हुए जवाब दिया- गई थी, लेकिन किसी से मत कहना। उसने अपने अंगूठे को दिखाया और बताया कि अंगूठा लगाकर आ रही हूं। अमिट स्याही नहीं लगवाई, क्योंकि जान का खतरा है।
फतेहपुर-सीकरी से लड़ रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के लिए बड़ी बाधा जातीय समीकरण तोड़ना है। भाजपा ने दो लाख जाट मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए राजकुमार चाहर को उम्मीदवार बनाया है। 3.2 लाख ब्राह्मण वोटों को ध्यान में रखते हुए गठबंधन से श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित को बसपा ने टिकट दिया है। राजबब्बर कठिन त्रिकोणीय संघर्ष में फंस गए हैं। आगरा के सांसद रामशंकर कठेरिया को भाजपा ने इस बार इटावा भेज दिया है। उनकी जगह राज्य में मंत्री एसपी सिंह बघेल को उम्मीदवार बनाया है। एसपी सिंह बघेल के आगे असली चुनौती भाजपा की स्थानीय गुटबाजी से निजात पाना होगी। वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना कहते हैं कि आगरा में सिविल एयरपोर्ट और बेरोजगारी बड़ी समस्या है। आगरा में कांग्रेस ने आयकर आयुक्त रहीं प्रीता हरित को उम्मीदवार बनाया है।
नगीना में सवा छह लाख मुस्लिम, सवा तीन लाख दलित वोटों के सहारे गठबंधन उम्मीदवार गिरीशचंद्र मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। भाजपा ने यशवंत सिंह को दूसरी बार और कांग्रेस ने एक बार सांसद रही ओमवती को टिकट दिया है। ओमवती की पकड़ सवर्ण वोटरों में अच्छी है। त्रिकोणीय संघर्ष में गठबंधन आगे है।
हाथरस में भाजपा ने इस बार इगलास से विधायक राजवीर सिंह दिलेर को टिकट दिया है। राजवीर सिंह को अपने पिता की राजनीतिक पूंजी का भरोसा है। राजवीर के पिता किशन लाल दिलेर चार बार सांसद रहे हैं। दिलेर के पक्ष में स्थानीय स्तर पर भाजपा-संघ के संगठन का मजबूत होना भी जाता है। साढ़े तीन लाख मुस्लिम वोटों वाली सीट अलीगढ़ में लंबे समय बाद ऐसा हो रहा है कि यहां किसी भी प्रमुख दल ने मुसलमान को टिकट नहीं दिया है। बनिया, ब्राह्मण और ठाकुर वोटों पर मजबूत पकड़ वाले सतीश कुमार गौतम का मुकाबला यहां पूर्व सांसद गठबंधन के उम्मीदवार अजीत बालियान से है। मुस्लिम वोट जितना अधिक बटेंगे उतना अधिक फायदा सतीश गौतम को होगा। यहां त्रिकोणीय संघर्ष है।
अमरोहा में जनता दल सेक्यूलर के महामंत्री रहे और एच.डी. देवेगौड़ा के खास कुंवर दानिश अली बसपा से गठबंधन उम्मीदवार हैं। कांग्रेस ने सचिन चौधरी को टिकट दिया। दानिश का मुकाबला सांसद भाजपा उम्मीदवार कंवर सिंह तंवर से है। सीधे मुकाबले में तंवर कितने दलित वोट गठबंधन उम्मीदवार के पक्ष में जाने से रोक पाते हैं और दानिश अली कितने मुस्लिम वोटों का बिखराव रोक पाते हैं, यही उनकी हार-जीत तय करेगा।
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